वन विहार से चन्दन की तस्करी, सुरक्षा पर गंभीर सवाल, क्या कर रही हैं डायरेक्टर राजौरा ?

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तेज़ कवरेज ब्यूरो

भोपाल। भोपाल के वन विहार का अमला अपने ही परिसर की सुरक्षा नहीं कर पा रहा है। नेशनल पार्क का दर्जा प्राप्त इस संवेदनशील क्षेत्र के भीतर से चन्दन के पेड़ कटे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग की स्पेशल टास्क फोर्स चन्दन तस्करों के पकडे जाने का दावा कर रही है लेकिन परिसर के अंदर के ही लोगों की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

सूत्रों के अननुसार आष्टा और सीहोर क्षेत्रों से आए चन्दन तस्करों जिनका तस्करी का इतिहास रहा है ,उनके द्वारा प्रेमपुरा गाँव से सटी वनविहार सीमा मे लगे चन्दन के वृक्षों को काटकर सीमा के बाहर फेका गया एवँ मूल्यवान चन्दन की तस्करी की गई । उल्लेखनीय है कि चन्दन की कीमत गुणवत्ता के कारण किलोग्राम से आँकी जाती है। एक मोटे अनुमान के अनुसार चोरी की गई लकड़ी का मूल्य 2से3लाख के बीच है । वन विहार सूत्रों से पता चला है की एस टी एफ ने मुकदमा दर्ज कर सभी मुलजिमों को गिरफ्तार कर लिया है और विवेचना उन्ही के द्वारा की जा रही है ।

परिसर के अंदर से चन्दन की तस्करी ने पूरे वन विहार प्रशासन की कर्यक्षमता पर ही सवालिया निशान लगा दिया है। सवाल यह उठाया जा रहा है कि बड़ी संख्या में सुरक्षा में लगे मैदानी अमले के बावजूद बाहरी लोग कैसे घुसकर घटना को अंजाम दे सकते हैं.। जब तक अंदर का अमला मदद न करे। वन विहार की डायरेक्टर शमिता राजौरा अपने रसूख के कारण तो चर्चा में रहती हैं लेकिन इस घटना से उनकी प्रशासकीय क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं। वन एवं पर्यावरण से जुड़े लोग घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।