छतरपुर-समिति प्रबंधक पर करोड़ों रूपए निकालने का आरोप, कलेक्टर ने जांच के लिए 34 टीमें बनाईं

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छतरपुर-समिति प्रबंधक पर करोड़ों रूपए निकालने का आरोप, मृतकों के नाम से भी निकाल लिया ऋण, कलेक्टर ने ऋण माफी योजना के तहत 113 समितियों की जांच के लिए 34 टीमें बनाईं, एसडीएम होंगे नोडल अधिकारी

लखन राजपूत, छतरपुर

छतरपुर। कांग्रेस सरकार द्वारा की गई किसानों की ऋण माफी में सहकारी समितियों के अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा घोटाला किए जाने की शिकायतें सामने आने के बाद जिले के नए कलेक्टर मोहित बुंदस चौकन्ने हो गए हैं। उन्होंने जिले की 113 समितयों की जांच के लिए 34 दल बना दिए हैं।

तीन दिन में देंगे जांच रिपोर्ट

कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक 113 सेवा सहकारी समितियों के फसल ऋण सूची में किए स्वीकृत ऋण में अभिलेखों की जांच के लिए 34 जांच दल गठित किए हैं। जांच दल में तीन-तीन अधिकारी-कर्मचारी रखे गए हैं। गठित दल संबंधित सेवा सहकारी समिति के अभिलेखों की जांच कर तीन दिन में जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करेंगे। संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जांच निरीक्षण दल के नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। नोडल अधिकारी इस कार्य की सतत निगरानी करेगें और जांच दल को अपेक्षित मार्गदर्शन देंगे।

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जांच दल किसान फसल ऋण माफी योजना में जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों में किसानों के कर्जमाफी के संबंध में ग्राम पंचायत स्तर पर किसानों द्वारा की गई शिकायतों की जांच करेगा। इनमें मुख्यत: वास्तविक ऋण से अधिक ऋण कृषक सूची में दर्शाया हो, ऐसे किसान जिन्होंने ऋण नहीं लिया पर उनके नाम फसल ऋण सूची में हैं, या मृत कृषक के नाम पर फसल ऋण दर्शाए गए हैं। जांच दल संबंधित कृषि सहकारी समितियों में पहुंचकर अभिलेखों की बारीकी से जांच करेगा।

प्राथमिकता से दिलाएं किसानों को ऋण माफी का लाभ: कलेक्टर

कलेक्टर ने हिदायत दी है कि किसानों के ऋण माफी योजना के आवेदनों का पंजीयन कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में हर-हालत में पूरा किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय का क्रियान्वयन तभी सही मायनों में सफल हो पाएगा, जब सभी अधिकारी-कर्मचारी टीम भावना से कार्य करेंगे और सौंपे गए कार्य को पूरा कराने के लिए सभी स्तर पर कन्टीयूसन की सर्वाधिक जरूरत है।
कलेक्टर ने जिले के सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित किया कि पंचायत स्तर पर अपने अधीनस्थों को ऋण माफी योजना का कार्य सौंपकर संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव से रोजाना प्रगति की रिपोर्ट लें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी मेहनत कर रहे हैं पर वह मेहनत तभी सफल होगी जब हम मिले लक्ष्य को समय-सीमा में पूरा करेंगे। कलेक्टर श्री बुंदस ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों के किसानों को समझाएं कि जिन्होंने लोन नहीं लिया है और ऋण सूची में नाम त्रुटिवश आ गया है अथवा ऋण कम लिया और सूची में ज्यादा आ गया है, ऐसे किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों की जांच कराकर समुचित कार्यवाही की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ हर्ष दीक्षित, उप संचालक कृषि मनोज कश्यप और सभी जनपद पंचायतों के सीईओ बैठक में मौजूद थे…