Some parlors open and shopping starts someplace; People said – everything will be fine soon | चंडीगढ़ में 2 महीने बाद गोल्फ क्लब खुला; कहीं बस सेवाएं शुरू हुई तो कहीं दुकानें खुलीं

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दैनिक भास्कर

May 20, 2020, 05:22 PM IST

नई दिल्ली. लॉकडाउन फेज-four में ढील देने के बाद से देश के अलग-अलग हिस्सों में जिदंगी पटरी पर लौटती दिख रही है। अहमदाबाद में सैलून और पार्लर पर अप्वाइंटमेंट लेकर लोग पहुंचे तो दिल्ली में लोग कपड़ों की खरीदारी करते नजर आए। लोग ऑफिस के लिए भी निकल रहे हैं। ऐसी ही तस्वीरें बुधवार सुबह से दिल्ली, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु से आईं।

मध्य प्रदेश

भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के कुछ इलाकों में दुकानें खुल रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक, five हजार कर्मचारी भोपाल से और three हजार कर्मचारी मंडीदीप में बनी कॉलोनियों से अपने ऑफिस और फैक्टरियों में पहुंचे। उधर, राज्य में काम रहे मजदूरों को उनके घर भेजने का सिलसिला भी जारी है। हबीबगंज पर मंगलवार को प्रवासी कामगारों की लंबी लाइन देखी गई।

महाराष्ट्र और गुजरात से उत्तर प्रदेश जाने वाली मजदूरों की बसें इंदौर बायपास पर रुकती हैं। यहां मजदूरों के लिए चाय और खाने की व्यवस्था की गई है। बुधवार को दोपहर तक यहां से 20 से ज्यादा बसें गुजरीं। 

महाराष्ट्र

लॉकडाउन खुलने पर बुधवार को यहां लोग काम पर निकलते देखे जा रहे हैं। कई इलाकों की दुकानें खुलीं। ऐप बेस्ड कैब सर्विस शुरू हो गई है। मुंबई में मंगलवार से सीआईएसएफ और सीआरपीएफ की पांच कंपनियां तैनात की गई हैं। दूसरी तरफ, औरंगाबाद में जरूरी वस्तुओं की दुकानों को 21 मई के बाद खोलने की इजाजत दी गई है। प्रशासन ने दुकानें खुलने का समय सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तय किया है। पुणे में भी कुछ इलाकों में दुकानें खुलीं। 

यह तस्वीर मुंबई के सीएसटी स्टेशन की है। बुधवार को यहां उत्तर प्रदेश जाने के लिए मजदूरों को स्पेशल ट्रेन में बैठने से पहले घंटों धूप में इंतजार करना पड़ा। बच्ची ने शाल ओढ़ लिया ताकि तेज धूप से बच सके।
यह फोटो मुंबई के उपनगर कांदिवली के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे की है। यहां कई टैक्सी और रिक्शा चालकों का ट्रैफिक पुलिस ने ई-चालन काटा। इनमें से कई सवारी बैठाकर पहुंचे थे। 

यह तस्वीर पुणे की है। यहां के कोविड ससून अस्पताल की नर्स वीणा गुहा घर पहुंचीं तो परिवार ने उनका स्वागत किया। परिवार के सदस्यों ने आरती उतारी और उन्हें गले लगा लिया। 

दिल्ली

राजधानी में बुधवार को भी सार्वजनिक परिवहन जैसे बस, ऑटो-रिक्शा और टैक्सियां चल रही हैं। ऑड-ईवन फॉर्मूले से ज्यादातर मार्केट भी खुल गए। कनॉट प्लेस, तिलक नगर, करोल बाग, सरोजनी नगर के कारोबारी दुकानों में सफाई करते नजर आए। पुलिस लाउड स्पीकर से लोगों को बता रही है कि दुकानों पर भीड़ न लगने दें।

दिल्ली की डीटीसी बसों में बुधवार को भी भीड़ देखी गई। लेकिन नियमों के मुताबिक, 20 से ज्यादा लोगों को बैठाया नहीं जा सकता था। यही वजह रही कि सिक्युरिटी पर्सनल ने महिला को बस से उतार दिया। 
यह तस्वीर केरल के छात्रों की है। इन्हें बुधवार को उत्तराखंड, हिमाचल और दूसरे राज्यों से दिल्ली लाया गया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी एक छात्रा के डॉक्यूमेंट्स चेक करता हुआ। यहां छात्रों का मेडिकल चेकअप हुआ। इसके बाद इन्हें स्पेशल ट्रेनों के जरिए इनके गृह राज्य भेजा गया।

मंगलवार सुबह लोग ऑटो रिक्शा में लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करते दिखे। राज्य सरकार ने ऑटो में एक व्यक्ति को बैठने की मंजूरी दी है। लोगों का कहना है कि यह कैसे संभव है। परिवार के दो लोग कहीं जा रहे हैं तो क्या उन्हें दो ऑटो लेने पड़ेंगे। दिल्ली में गारमेंट्स की दुकानें और शो रूम भी खुल गए हैं।
लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद दिल्ली के खान मार्केट में दुकानें भी खुलीं। हालांकि, भीड़ काफी कम रही। 

पंजाब

राज्य में आज से बस चुनिंदा रूट पर सर्विस शुरू हो गई हैं। इनमें 50% यात्रियों को बैठाया जा रहा है। इसके अलावा, जालंधर, पंजाब, मोहाली समेत अन्य इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्री में काम शुरू हो गया है। यहां दो शिफ्ट में काम चल रहा है। 

राज्य में कुछ रूट्स पर बस शुरू हुईं तो लोग ऑफिस जाते दिखे। हालांकि, यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। 

तस्वीर जालंधर की है। यहां कई फैक्ट्रियों में काम शुरू हो गया है।
जालंधर की नीविया फुटबॉल फैक्ट्री में भी मंगलवार से काम शुरू हो गया। फैक्ट्री पिछले 60 दिन से बंद दी थी। 

पश्चिम बंगाल

राज्य में 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है। प्रदेश में 27 मई के बाद हॉकर्स को नॉन कंटेनमेंट जोन में काम करने की इजाजत दी जाएगी। हालांकि, ग्रीन और ऑरेंज जोन में दुकानें खोलने की मंजूरी दी गई है। कोलकाता के कुछ इलाकों में गारमेंट्स, स्टेशनरी समेत अन्य दुकानें खुलीं।

कोलकाता में बुधवार सुबह कुछ महिलाएं गारमेंट्स की दुकान पर खरीदारी करने पहुंचीं।



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