RPF constable, who delivered milk on the moving train for the lady, said- I myself am the father of two daughters, so understood the pain of that mother | बच्ची के लिए चलती ट्रेन में दूध पहुंचाने वाले आरपीएफ कॉन्स्टेबल ने कहा- मैं दो बेटियों का पिता हूं इसलिए उस मां के दर्द को समझा

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  • 31 मई- आरपीएफ कॉन्स्टेबल इंदर सिंह ने को भोपाल रेलवे स्टेशन पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार महिला रेल यात्री की मदद की
  • 2 जून- आरपीएफ ने इसे सामान्य ड्यूटी मानी, फिर दैनिक भास्कर एक्सक्लूसिव सीसीटीवी वीडियो से इंदर की बहादुरी को सामने लाया
  • इसके बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने घटनाक्रम के वीडियो को ट्विटर पर शेयर करते हुए कॉन्स्टेबल इंदर की कार्य की सराहना की थी

विकास वर्मा

विकास वर्मा

Jun 07, 2020, 06:11 AM IST

भोपाल. बच्ची के लिए चलती ट्रेन में दूध पहुंचाने वाले भोपाल रेल मंडल के आरपीएफ कॉस्टेबल इंदर यादव का वीडियो दैनिक भास्कर पर आने के बाद रेल मंत्री ने प्रशंसा की और इंदर को सम्मानित किया गया। भास्कर से विशेष बातचीत में इंदर ने कहा कि मैंने यह मदद किसी प्रशंसा के लिए नहीं की थी, मैंने तो सिर्फ इसे ड्यूटी का हिस्सा ही माना। मैं दैनिक भास्कर का शुक्रगुजार हूं, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को बखूबी दिखाया, जिसके बाद रेलमंत्री ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए मेरे काम की प्रशंसा की। यह मेरे करियर का ऐसा पल है जिसे मैं कभी भुला नहीं पाऊंगा।

बेटी ने कहा- पापा प्राउड ऑफ यू

इंदर ने बताया कि मेरी भी दो बेटियां हैं इसलिए जब महिला यात्री ने अपनी बच्ची के लिए दूध की गुहार लगाई तो मैं उस मां के दर्द को समझ सका। यह हमारा रोजाना का काम है और इस काम से मुझे भी बहुत खुशी मिली है। यह वीडियो और खबर देखने के बाद मेरी वाइफ और मां ने कहा- हमें तुम पर गर्व है। वहीं मेरी सात की बेटी आराध्या यादव ने कहा- पापा प्राउड ऑफ यू। यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा अचीवमेंट है।

सबसे पहले ‘दैनिक भास्कर’ ने दिखाया था वीडियो

आरपीएफ जवान इंदर की इस बहादुरी की खबर और वीडियो सबसे पहले ‘दैनिक भास्कर’ पर दिखाया गया। इसे देखने के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने जवान की सराहना की और उन्हें नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की। शुक्रवार को पश्चिम मध्य रेलवे के जीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कॉन्स्टेबल को पांच हजार रुपए नकद और प्रशंसा पत्र दिया।

टाइमलाइन में समझें मदद से लेकर उनके सम्मानित होने तक की पूरी कहानी

31 मई : भोपाल रेलवे स्टेशन पर इंदर सिंह ने श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार महिला रेल यात्री साफिया हाशमी की मदद की। इस दिन आरपीएफ ने इसे सामान्य ड्यूटी कार्य माना।

2 जून : घटना के दूसरे दिन दैनिक भास्कर ने इस पूरे घटनाक्रम के एक्सक्लूसिव सीसीटीवी वीडियो से इंदर की बहादुरी का किस्सा वीडियो स्टोरी के माध्यम से शेयर किया।

इसी दिन जब रेलमंत्री ने इस वीडियो को देखा तो अपने ऑफिशियल ट्विटर, फेसबुक अकाउंट से शेयर किया। इसके अलावा रेल मंत्रालय, जीएम, डीआरएम समेत देश भर में दैनिक भास्कर का यह वीडियो शेयर किया गया।

four जून : रेलमंत्री ने आरपीएफ जवान इंदर सिंह की बहादुरी की तारीफ करते हुए उन्हें नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की।

five जून : इटारसी-खंडवा रेल खंड का निरीक्षण करने भोपाल रेल मंडल पहुंचे पश्चिम मध्य रेलवे के जीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने आरपीएफ कॉन्स्टेबल इंदर सिंह को पांच हजार रुपए के नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया।

जानिए क्या है पूरा मामला

31 मई की रात 8:45 बजे बेलगाम (कर्नाटक) से गोरखपुर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सफर कर रही साफिया हाशमी की तीन महीने बच्ची दो दिन से भूखी थी। बच्ची के माता-पिता उसे पानी में बिस्किट डुबोकर खिला रहे थे। उन्होंने कई स्टेशनों पर बच्ची के लिए दूध मांगा, लेकिन कहीं पर मदद नहीं मिली। ट्रेन भोपाल पहुंची तो साफिया ने आरपीएफ जवान से बच्ची के लिए दूध की गुहार लगाई। इंदर सिंह ने स्टेशन से चल चुकी ट्रेन तक दौड़ लगाकर दूध का पैकेट मां को दिया और दो दिन से भूखी बच्ची को मदद मिल सकी।



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