Reliance industries consider sale of 989 million dollar asian paint stake | एशियन पेंट्स की 4.9% हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है रिलायंस इंडस्ट्रीज, 7.4 हजार करोड़ रुपए जुटने की उम्मीद

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  • हिस्सेदारी बेचने के लिए बैंकों से बातचीत कर रहे हैं आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी
  • चालू वित्त वर्ष में कर्जमुक्त होने के लिए कई तरीकों से राशि जुटा रही है रिलायंस इंडस्ट्रीज

दैनिक भास्कर

May 08, 2020, 10:08 AM IST

मुंबई. मार्च 2021 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को कर्जमुक्त कंपनी बनाने में जुटे मुकेश अंबानी अब एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहे हैं। इस मामले से वाकिफ सूत्रों के हवाले से ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक इस बिक्री से आरआईएल को 989 मिलियन डॉलर करीब 7481 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है।

एशियन पेंट्स में आरआईएल की 4.Nine फीसदी हिस्सेदारी

एशियन पेंट्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 4.Nine फीसदी हिस्सेदारी है। इसकी बिक्री के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी बैंकों से बातचीत शुरू कर दी है। मुकेश अंबानी ब्लॉक ट्रेड सीरिज के तहत यह हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं। नाम छुपाने की शर्त पर सूत्र ने बताया कि रिलायंस ने एशियन पेंट्स में यह हिस्सेदारी तीस्ता रिटेल प्राइवेट के माध्यम से खरीदी है। हालांकि, इस संभावित सौदे को लेकर आरआईएल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी है एशियन पेंट्स

मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से एशियन पेंट्स देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी है। गुरुवार को बीएसई में एशियन पेंट्स का मार्केट कैप 1.52 लाख करोड़ रुपए के करीब रहा। 1942 में स्थापित एशियन पेंट्स 15 देशों में 26 प्लांट में पेंट का उत्पादन करती है। हाल ही में कोरोनावायरस से लड़ाई में सहयोग के लिए एशियन पेंट्स ने हैंड और सरफेस सैनिटाइजर बनाने के ऐलान किया था।

कर्ज चुकाने के लिए बेची जा रही हिस्सेदारी

पिछले साल अगस्त में रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी ने मार्च 2021 तक कंपनी को कर्जमुक्त कंपनी बनाने का ऐलान किया था। इसी को लेकर रिलायंस अपनी की हिस्सेदारी बेच रही है। रिलायंस ने सउदी अरब की तेल कंपनी सउदी अरैमको के साथ भी हिस्सेदारी बेचने को लेकर समझौता किया है। इस सौदे में देरी हो रही है। इसके अलावा रिटेल कारोबार में बीपी के साथ समझौता किया गया है।

पिछले महीने ही फेसबुक ने किया था 43,574 करोड़ रुपए का निवेश

पिछले महीने ही दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म में 43,574 करोड़ रुपए का निवेश किया था। इस निवेश के बाद जियो प्लेटफॉर्म में फेसबुक की 9.99 फीसदी हिस्सेदारी हो गई है। 22 अप्रैल को रिलायंस इंडस्ट्रीज और फेसबुक ने इस निवेश की घोषणा की थी। यह भारत में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश था।

सिल्वर लेक ने 5656 करोड़ रुपए का निवेश किया

अमेरिकी की निजी इक्विटी निवेश कंपनी सिल्वर लेक ने रिलायंस जियो में 5656 करोड़ रुपए का निवेश किया है। इस निवेश के बाद जियो में सिल्वर लेक की 1.15 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी। Four मई को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस निवेश की घोषणा की थी। यह निवेश जियो प्लेटफॉर्म की इक्विटी वैल्यू 4.90 लाख करोड़ रुपए और एंटरप्राइजेस वैल्यू 5.15 लाख करोड़ रुपए पर किया गया था। सिल्वर लेक दुनियाभर की टेक कंपनियों में निवेश करती है। इनमें एयरबीएनबी, अलीबाबा, आंट फाइनेंशियल, अल्फाबेट की वैरिली एंड वायमो यूनिट्स, डेल टेक्नोलॉजी और ट्वीटर प्रमुख कंपनियां हैं।

विस्टा इक्विटी पार्टनर्स ने 11,367 करोड़ रुपए में 2.32% हिस्सेदारी खरीदी

अमेरिका की प्राइवेट इक्विटी फर्म विस्टा इक्विटी पार्टनर्स ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के डिजिटल प्लेटफॉर्म जियो प्लेटफॉर्म में 2.32 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। यह सौदा 11,367 करोड़ रुपए में हुआ है। यह निवेश जियो प्लेटफॉर्म्स के इक्विटी मूल्य 4.91 लाख करोड़ रुपए और एंटरप्राइज वैल्यू 5.16 लाख करोड़ रुपए पर किया गया है। रिलायंस जियो में हिस्सेदारी खरीदने वाली विस्टा अब दूसरी बड़ी कंपनी बन गई है।

पहली तिमाही में 1 लाख करोड़ से ज्यादा जुटाने का लक्ष्य

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के मध्य में 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें फेसबुक, सउदी अरैमको और बीपी का निवेश शामिल है। अब सिल्वर लेक का निवेश भी शामिल हो गया है। इसके अलावा रिलायंस ने हाल ही में 53,125 करोड़ रुपए का राइट्स इश्यू लाने की घोषणा भी की है।



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