Raipur News In Hindi : Minors and associates formed gangs, walkie-talkie kept out of police, party after every theft | नाबालिग ने 3 दोस्तों के साथ गैंग बनाया, पुलिस से बचने के लिए वॉकी-टॉकी रखे, हर चोरी के बाद पार्टी करते थे

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  • इस गैंग ने लॉकडाउन में पॉश कॉलोनी में किराए से फ्लैट लिया, eight वारदात को अंजाम दिया
  • आधी रात को कटर से ताला काटते थे, एक साथी बाहर रहकर आसपास नजर रखता था

दैनिक भास्कर

Jun 27, 2020, 11:30 AM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पॉश इलाकों में चोरी करने वाले एक गिरोह को पकड़ा गया है। इस गैंग में मिडिल क्लास परिवारों के four लड़के हैं। सरगना समेत 2 नाबालिग हैं। महंगे शौक पूरे करने के लिए ये चोरी करते थे। शातिर इतने कि मोबाइल की जगह वॉकी-टॉकी पर बात करते थे। उन्हें पता था कि मोबाइल रखा तो पुलिस ट्रेस कर सकती है। लॉकडाउन के दौरान 100 दिनों में eight सूने फ्लैट में चोरी की। करीब 10 लाख का माल चुराया। हर वारदात के बाद पॉश इलाके में किराए से लिए फ्लैट में पार्टी करते थे। 

पुलिस के मुताबिक, चारों का कोई क्राइम रिकॉर्ड नहीं है, फिर भी ये पेशेवर बदमाशों की तरह शातिर हैं। गैंग का सरगना 17 का है और बारहवीं में पढ़ता है। उसका एक और साथी 16 साल का है। वह 11वीं में पढ़ता है। दोनों रायपुर के देवरी इलाके की हिमालयन हाइट कॉलोनी में रहते हैं। इनके दो अन्य साथी बालिग हैं। इनमें से एक अमलीडीह का रहने वाला शुभम सेन और दूसरा रोहित मुखर्जी है। ये सभी फिल्मों से बहुत प्रभावित हैं। इन्हें कीमती घड़ी, बाइक, ब्रांडेड कपड़ों का शौक है। इन्हीं आदतों ने उन्हें अपराध की दुनिया में धकेल दिया। 

लॉकडाउन का फायदा उठाया
लॉकडाउन में ज्यादातर मकानों में ताले लगे थे। तब गैंग के मास्टर माइंड ने अपनी ही कॉलोनी में चोरी की साजिश रखी। सबसे पहले पड़ोस के मकान पर हाथ साफ किया। यहां करीब 50 हजार कैश और जेवर उनके हाथ लगे। इसके बाद वे 15 दिन शांत बैठे रहे। पुलिस की कोई हलचल नहीं दिखी तो उनका हौसला बढ़ गया। उन्होंने हिमालयन हाइट के ही 3 मकानों में चोरी की। उन्हें करीब 6 लाख का माल मिला। इसके बाद उन्होंने लाभांडी के रहेजा टावर में थ्री बीएचके फ्लैट किराए पर लिया। वहीं रहने लगे। वे लगभग हर दिन पार्टी करते थे।

आधी रात को निकलकर कटर से काटते थे ताले

पुलिस को उन्होंने बताया कि वे रात में करीब 2 बजे घर से निकलते और सूने मकान या फ्लैट का ताला कटर से काटते थे। तीन साथी अंदर जाते थे और एक बाहर रहकर निगरानी करता था। आपस में बातचीत के लिए वॉकी-टॉकी का उपयोग करते थे। उन्होंने चोरी में उपयोग करने के लिए ऑनलाइन वॉकी-टॉकी मंगाया था। 

भाठागांव में एक गलती से पकड़ में आ गए
पैसा खत्म होने पर उन्होंने चंगोराभाठा और भाठागांव के दो मकान में चोरी की। उसके बाद इसी मंगलवार को भाठागांव की सराफा दुकान में सेंध लगाने की कोशिश की। वहां वे कामयाब नहीं हो पाए और एक लड़का सीसीटीवी फुटेज में आ गया। यही फुटेज पुलिस के हाथ लग गया। जिसके आधार पर पुलिस ने खोजबीन शुरू की तो गुरुवार रात 17 साल का नाबालिग बुलेट में घूमते हुए मिल गया। हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सभी वारदातों के बारे में बता दिया। उसकी निशानदेही पर सभी आरोपियों को पकड़ लिया। उन्होंने चोरी के जेवर गिरवी रखे थे, जो जब्त कर लिए गए हैं। 



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