Pakistan Latest News; Hindus in Pak protest against forcible conversions by Tablighi Jamaat | जबरन धर्मांतरण पर सिंध में हिंदुओं का प्रदर्शन, तबलीगी जमात पर मुस्लिम बनने से इनकार करने पर लड़के के अपहरण का आरोप

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  • प्रदर्शन से जुड़े दो वीडियो वायरल, लोगों ने कहा- हम इस्लाम कुबूल करने की जगह मरना पसंद करेंगे
  • अमेरिका के सिंधी फाउंडेशन के मुताबिक, सिंध में हर साल करीब 1000 हिंदू लड़कियों का अपहरण होता है

दैनिक भास्कर

May 17, 2020, 01:39 PM IST

नई दिल्ली/इस्लामाबाद. पाकिस्तान में अप्लसंख्यकों को लगातार जबरन इस्लाम कुबूल करवाए जाने पर हिंदुओं के विरोध प्रदर्शन किया है। सिंध में रहने वाले हिंदुओं ने तबलीगी जमात पर जबरन धर्मांतरण कराने, मना करने पर प्रताड़ित करने और घरों को तोड़ने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही कहा है कि जमात ने इस्लाम कुबूल करने से इनकार पर एक हिंदू लड़के का अपहरण कर लिया है। 
सिंध प्रांत के दो वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं। इसमें पहले वीडियो में भील हिंदू जबरन धर्मांतरण के खिलाफ प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि मटियार के नसूरपुर में महिलाएं और बच्चे हाथ से लिखी तख्तियां पकड़े हुए हैं वे तबलीगी जमात के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कह रहे हैं कि ‘‘हम मरना पसंद करेंगे, लेकिन कभी भी इस्लाम कुबूल नहीं करेंगे।’’ प्रदर्शनकारियों में शामिल एक महिला कह रही है कि उनकी संपत्ति हड़प ली गई, घर तोड़ दिए गए और उन्हें पीटा गया। इसके बाद कहा गया कि अगर घर वापस चाहिए तो इस्लाम कुबूल करें। 
एक दूसरे वीडियो में एक महिला जमीन पर लेटी हुई जोर से रो रही है। वह कह रही है कि तबलीगी जमात के लोगों ने उसके बेटा के अपहरण कर लिया है। महिला अपने बेटे को रिहा करने की भीख मांग रही है।

सिंध में हर साल करीब 1000 हिंदू लड़कियों का होता है अपहरण 
पाकिस्तान में अक्सर जबरन धर्म परिवर्तन के मामले सामने आते हैं। हालिया वक्त में ये ज्यादा बढ़ गए हैं। अमेरिका में सिंधी फाउंडेशन के मुताबिक, सिंध प्रांत में हर साल करीब 1000 हिंदू लड़कियों (उम्र 12 से 28 साल के बीच) का अपहरण किया जाता है। उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता है। इसके बाद मुस्लिमों से शादी करवा दी जाती है।
जबरन इस्लाम की पढ़ाई कराई जाती है
पाकिस्तान ने कई मौकों पर अल्पसंख्यक समुदायों की रक्षा का भरोसा दिलाया है। लेकिन, अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव होता रहा है। उनके साथ हिंसा, हत्या, अपहरण, रेप, जबरन धर्म परिवर्तन जैसी घटनाएं होती हैं। हिंदू, ईसाई, सिख, अहमदिया, और शियाओं को बहुत मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने हाल ही में कहा था कि अल्पसंख्यक समुदायों पर भयानक हिंसा हुई है। हिंदू और इसाइयों को जबरन इस्लाम की पढ़ाई कराई जाती है। इसके साथ ही इसाईयों को शव दफन करने की जगह बहुत कम है और हिंदूओं के लिए श्मशान तक नहीं हैं।



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