Novel Coronavirus (COVID-19) Malaria drug hydroxychloroquine is probably the greatest coronavirus remedy these days to be had reveals global ballot | कोरोना से लड़ने की जो दवाएं मौजूद उनमें मलेरिया ड्रग हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन सबसे प्रभावी, 31 देशों के 37% विशेषज्ञों ने जताई सहमति

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  • यूरोप, अमेरिका और चीन के डॉक्टर कोरोना मरीजों को दे रहे मलेरिया ड्रग हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन
  • ब्रिटेन में इस दवा पर चल रहा ट्रायल लेकिन यहां के प्राइवेट प्रैक्टिशनर्स ने भी माना, यह दवा बेहतर है

दैनिक भास्कर

Apr 18, 2020, 11:06 AM IST

हेल्थ डेस्क. कोरोनावायरस का इलाज करने के लिए अबतक जो भी दवाएं उपलबध हैं उनमें से मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन सबसे बेहतर है। दुनिया के 30 देशों के 37 फीसदी डॉक्टरों ने इस पर अपनी मुहर लगाई है। 6200 डॉक्टरों पर हुए सर्वे में 37 फीसदी विशेषज्ञों ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन को कोरोनावायरस के लिए सबसे प्रभावी दवा बताया है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है अब ऐसी कोई दवा नहीं बनी है जो कोरोना से संक्रमण का इलाज कर सके। 

यूरोप, अमेरिका और चीन में यह दवा देने की अनुमति 
यूरोप, अमेरिका और चीन के डॉक्टर कोरोना के मरीजों को यह दवा दे सकते हैं, इसकी अनुमति उन्हें पहले ही दी जा चुकी है। लेकिन ब्रिटेन में इस दवा का क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है, प्रयोग में सफलता मिलने तक डॉक्टर्स ये दवा प्रिस्क्राइब नहीं कर सकते। अमेरिका की नेशनल हेल्थ सर्विस 1940 से इस दवा का इस्तेमाल रुमेटॉयड आर्थराइटिस और ल्यूपस के मरीजों पर कर रहा है। 

सबसे ज्यादा स्पेन के डॉक्टरों ने यह दवा प्रिस्क्राइब की
हालिया सर्वे सेर्मो ने किया है, जो दुनियाभर के डॉक्टर का प्राइवेट सोशल नेटवर्क है। सर्वे के मुताबिक, स्पेन के 72 फीसदी डॉक्टरों ने कहा, उन्होंने यह दवा कोरोना के मरीजों को दी है। इटली के 53 फीसदी डॉक्टरों ने कहा, उन्होंने यह दवा वायरस को खत्म करने के लिए इस्तेमाल की, वहीं चीन में यह आंकड़ा 44 फीसदी और ब्रिटेन में 13 फीसदी है। ब्रिटेन में प्राइवेट प्रैक्टिशनर्स ने यह दवा मरीजों को लिखी थी। 

कैसे काम करती है यह दवा
यह दवा सिन्कोना नाम के पेड़ से तैयार की जाती है। जिसका इस्तेमाल आमतौर पर मलेरिया के इलाज में होता है। यह दवा शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर बीमारी से लड़ने में मदद करती है। इसीलिए इसका इस्तेमाल कोरोना के मरीजों पर किया जा रहा है। चीन में इस दवा पर हुए ट्रायल में सामने आया था कि यह कोरोना संक्रमण को गंभीर होने से रोक सकती है। डॉक्टर इसे ऐसे मरीजों को भी देने के बारे में सोच रहे हैं जो कोरोना की जांच में पॉजिटिव मिले लेकिन उनमें लक्षण नहीं दिखाई दिए। 

चीन की हालिया शोध में भी इस पर लगी मुहर
चीन के वुहान में हाल ही में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन पर एक शोध हुआ है। वुहान यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने औसतन 45 साल की उम्र वाले 22 कोरोना पीड़ितों को यह दवा दी। शोधकर्ताओं के मुताबिक, मरीजों की हालत में तेजी से सुधार हुआ। ये सभी ऐसे मरीज थे जिनमें कोरोना के शुरुआती लक्षण दिखाई दिए थे। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा को गेम चेंजर कहा  था। उनके मुताबिक यह ऐसी संभावित दवा है जिससे कोरोनावायरस को रोकने में इस्तेमाल किया जा सकता है।



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