छात्रा मनीता की उड़नदस्ता दल ने जांच ही नहीं की थी

0

परीक्षार्थियों के कपड़े उतारवाने की बात असत्य

“सनसनी फैलाने भ्रामक खबर”

जशपुर छत्तीसगढ़/
रमेश शर्मा

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पण्ड्रापाठ में कक्षा 10 वीं की छात्रा की मौत के मामले में जिला प्रशासन के निर्देश पर जांच शुरू हो गई है.

कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम बगीचा रवि मित्तल को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिऐ है।

इस मामले में अनर्गल आरोप से सनसनी फैलाऐ जाने की बात बुध्दिजीवी वर्ग के लोगों ने गहरी चिंता व्यक्त की है.

ज्ञातव्य है कि ग्राम रौनी तहसील बगीचा के रहने वाली छात्रा मनीता ने पिछले दिनों अपने परिजनों की फटकार से ब्यथित होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले को लेकर विभिन्न माध्यमों से आ रही खबरों के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी बी.आर.ध्रुव ने सचिव, स्कूल शिक्षा एवं कलेक्टर जशपुर को प्रेषित अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि उड़नदस्ता दल द्वारा छात्रा मनीता की जांच ही नहीं की गई थी। शिक्षा अधिकारी ने यह भी लिखा है कि 1 मार्च को उड़नदस्ता दल शासकीय हायरसेकेण्डरी स्कूल पण्ड्रापाठ परीक्षा केन्द्र पहुंचा था। इस उड़नदस्ता दल के प्रभारी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एस.के.वाहने थे। उड़नदस्ता दल में महिला शिक्षिका भी शामिल थी। स्कूल पहुंचने के बाद इस दल ने परीक्षा कक्षों का मुआयना किया और नकल की आशंका के आधार पर दो-तीन परीक्षार्थियों की पृथक से जांच की गई। एक परीक्षार्थी के पास जांच के दौरान नकल सामग्री मिली। जिसके कारण उसका नकल प्रकरण बनाया गया। इस जांच के दौरान किसी भी परीक्षार्थी के कपड़े नहीं उतरवाए गए। इस दौरान उड़नदस्ता दल ने कोई भी अनुचित कार्य, व्यवहार अथवा गलत बरताव नहीं किया गया। जिससे बच्चों को परीक्षा देने में कोई व्यवधान आए।

जिला शिक्षा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि नकल की आशंका के आधार पर जिस छात्रा की जांच उड़नदस्ता दल के महिला सदस्य द्वारा पृथक से की गई थी। वह छात्रा 10वीं बोर्ड परीक्षा में अभी शेष विषयों की लगातार परीक्षा दे रही है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया है कि मृतक छात्रा मनीता को उसके परिजनों द्वारा 10 वीं बोर्ड की परीक्षा अवधि में मोबाईल देखने और खेलते रहने से मना किया गया था, जिसके कारण उसने ऐसा कदम उठाया होगा, यह कहा जा रहा है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि एक मार्च को उड़नदस्ता दल द्वारा बनाए गए नकल प्रकरण को लेकर परीक्षार्थियों एवं पालकों में किसी भी तरह का न तो भय है, न ही आक्रोष। परीक्षा केन्द्र पण्ड्रापाठ में दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षाएं शान्तिपूर्ण ढंग से संचालित हो रही है।

“सनसनी फैलाने भ्रामक खबरें”

उड़नदस्ता दल के प्रभारी अधिकारी एस.के.वाहने ने उड़नदस्ता दल द्वारा जांच के दौरान परीक्षार्थियों के कपड़े उतरवाने के आरोप को एक सिरे से खारिज कर इसे पूरी तरह असत्य बताया है। उन्होंने कहा है कि उड़नदस्ता दल नकल की आशंका के चलते दो-तीन परीक्षार्थियों को प्राचार्य कक्ष में बुलावकर उनसे सामान्य पूछताछ की गई और सहज तरीके से उनकी जांच की गई थी। इस दौरान एक परीक्षार्थी जिसका रोल नंबर 1197202447 है, के पास नकल सामग्री मिलने पर नकल प्रकरण बनाया गया।