सरकार बदलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नहीं बदली कार्यशैली, जमीन पर पड़ी रहीं महिलाएं, कई महिलाओं के नहीं हो सके ऑपरेशन

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लखन राजपूत छतरपुर

छतरपुर (बक्स्वाहा)। प्रदेश की सरकार बदल चुकी है लेकिन अभी तक जो नहीं बदल सका है वह है स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली। उक्त कथन को चरितार्थ करता एक ऐसा ही मामला सामने आया है जब शिविर में नसबंदी कराने पहुंची महिलाओं को बेहोशी के इंजेक्शन तो दे दिए लेकिन महिलाओं की नसबंदी नहीं की गई। बेहोश महिलाएं घंटों जमीन पर पड़ी रहीं। वहीं कई महिलाएं अपना नंबर आने का इंतजार ही करती रह गईं और डॉक्टर यह कहते हुए वहां से निकल गए कि जितनी महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराए थे उनकी नसबंदी कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार नगर में रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया जिसमें नसबंदी की जानी थी। उक्त शिविर में सुनहरा गांव से आई राधा पत्नि गजराज लोधी और भूरी बाई पत्नि हलकाईं लोधी ने बताया कि उन्होंने नसबंदी हेतु रजिस्ट्रेशन करवाये थे। शिविर में स्टाफ नर्स द्वारा उन्हें बेहोशी का इंजेक्शन तो दिया गया लेकिन डॉक्टरों की टीम कोटा पूरे होने की बात कहते हुए वहां से रवाना हो गई। महिलाएं बेहोशी की हालत में घंटों जमीन पर पड़ीं रहीं। इसके अलावा शिविर में और भी कई अनियमितताएं देखने को मिलीं जैसे कि मरीजों को पलंग की जगह जमीन पर लिटाना, पीने के लिए पानी की व्यवस्था न होना आदि। भयानक ठंड के दौरान महिलाएं रात भर जमीन पर पड़ी रहीं। उल्लेखनीय है कि भले ही शिविर में कोई भी व्यवस्था न की गई हो लेकिन इसकी राशि फर्जी बिलों के माध्यम से अवश्य निकाली जाएगी। छोटे परिवारों के दिव्य स्वपन को साकार करने के उद्देश्य से आयोजित यह महिला नसबंदी शिविर प्रशासनिक कुनबे की लापरवाही के चलते महज मजाक ही प्रतीत हुआ। शाम के समय यह शिविर फटपाथ में तब्दील हो गया और यहां जगह-जगह शराब के क्वार्टर देखने को मिले। पूरे मामले की जानकारी पीडि़त महिलाओं से लेनी चाही गई लेकिन महिलाएं कैमरे के सामने ही बेहोश हो गईं।