बच्चों की प्रतिभा निखारने में शिक्षकों के साथ माता पिता की अहम भूमिका : सर्जियुस मिंज

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पत्थलगांव/छत्तीसगढ़

रमेश शर्मा

शिक्षक के साथ बच्चों स्कूली जीवन में बच्चों की प्रतिभा को निखारने में शिक्षकों के साथ माता पिता की भी अहम भूमिका रहती है। शिक्षक गणित,भूगोल व विज्ञान जैसे जटिल विषयों का समुचित ज्ञान देते हैं वहीं अभिभावक अपने बच्चों की रूचि के अनुरूप उनका व्यक्तित्व को निखारने में अहम कड़ी साबित होते हैं।

उक्त बातें शनिवार को पत्थलगांव में अंग्रेजी माध्यम का स्कूल में आयोजित वार्षिक उत्सव के कार्यक्रम में पूर्व आई ए एस अधिकारी सर्जियुस मिंज ने कही। उन्होने कहा कि मौजूदा दौर में प्रारंभिक स्कूली शिक्षा से ही बच्चों को कठीन प्रतिस्पर्धा से गुजरना पड़ रहा है। एसे में शिक्षक अपना निर्धारित समय तक ही पढ़ा पाते हैं। इसके बाद बच्चों के अभिभावकों को सु संस्कार, व्यवहारिक ज्ञान तथा अन्य गतिविधियों का पाठ पढ़ा कर बच्चों का व्यक्तित्व को निखारना चाहिए। श्री मिंज ने कहा कि ग्रामीण परिवेश व छोटे कस्बों से ही होनहार प्रतिभा निकलती है। हम अपनी रूचि के अनुसार कठिन लक्ष्य को लेकर भी आगे बढ़ते हैं तो कोई भी मंजिल को प्राप्त करना असंभव नहीं है।

पूर्व आई ए एस अधिकारी सर्जियुस मिंज ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के कार्यकाल में देश और विदेशी धरती ब्रिटेन में अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होने कहा कि इस सेवा के दौरान प्राशासनिक कार्यो की व्यस्तता के कारण वे अपनी तीन बेटियों को शिक्षा दिक्षा के दौरान चाह कर भी पर्याप्त समय नहीं दे पाते थे, लेकिन आप लोग ऐसी भूल न करें। बच्चों की रूचि को समझ कर उनका व्यक्तित्व निखारने में माता पिता अहम कड़ी बन सकते हैं।

श्री मिंज ने कहा कि पत्थलगांव में अंग्रेजी माध्यम का लिटील रोज स्कूल ने 31 वर्ष का लम्बा सफर पूरा करके वैज्ञानिक, चिकित्सा तथा अन्य क्षेत्रों में काफी बड़ी संख्या में बेहतरीन प्रतिभाओं की प्रस्तुती दी है। हमारे शिक्षक और अभिभावकों को इससे प्रेरणा लेकर सफलता का इस सिलसिला को अनवरत जारी रखना होगा।

इस कार्यक्रम की शुरूवात प्रदेश के सबसे वरिष्ठ विधायक रामपुकार सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस दौरान लैलूंगा विधायक चक्रधर सिदार,डमरू यादव,स्कूल के डायरेक्टर पवन अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। वार्षिक उत्सव के कार्यक्रम में नन्हे बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुती देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। स्कूली बच्चों ने अनुशासित ढ़ग से दी गई प्रस्तुति को देखकर सभी अतिथियों ने उनकी जमकर सराहना की।