Anil Deshmukh ultimate court docket listening to Replace; Parambir Singh | Uddhav Thackeray Sharad Pawar Government, Maharashtra House Minister | अनिल देशमुख और महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, वझे के खुलासे के बाद बढ़ी देशमुख की मुश्किलें

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मुंबईfour मिनट पहले

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अनिल देशमुख के समर्थन में महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। जिसमें हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। - Dainik Bhaskar

अनिल देशमुख के समर्थन में महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। जिसमें हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट आज (गुरुवार) महाराष्ट्र सरकार और पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करेगा। दोनों ने पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार और 100 करोड़ की वसूली के आरोपों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। माना जा रहा है कि न्यायाधीश संजय किशन कौल और हेमंत गुप्ता की डबल बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।

इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी. एस. कुलकर्णी की खंडपीठ ने सोमवार को CBI से कहा था कि वह पिछले महीने पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त की ओर से जारी लेटर बम में उठाए गए मुद्दों पर 15 दिनों के भीतर अपनी प्रारंभिक जांच पूरी करे। फैसले के कुछ ही घंटे बाद देशमुख ने अपना पद छोड़ दिया था। इस बीच बुधवार को एंटीलिया केस में गिरफ्तार सचिन वझे ने एक लेटर में देशमुख पर वसूली के लिए कहने का आरोप लगाते हुए परमबीर सिंह के आरोप की एक तरह से पुष्टि की है। इस मामले में सीबीआई की टीम मुंबई में है और आज कुछ लोगों के बयान ले सकती है, जिसमें परमबीर सिंह भी शामिल हैं।

हाईकोर्ट ने कहा था-लोगों में यकीन पैदा करने के लिए CBI जांच जरुर
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा था कि मामले में स्वतंत्र एजेंसी की जांच नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा और लोगों में यकीन पैदा करने के लिए जरूरी है। इसके साथ ही अदालत ने भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई से जांच कराने का आदेश दे दिया था। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद विदर्भ के अनुभवी नेता देशमुख ने राज्य सरकार से इस्तीफा दे दिया था और इसके बाद इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा था कि CBI को तुरंत FIR दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की जांच के लिए पहले ही एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। मुख्य न्यायाधीश दत्ता ने कहा था, एक उच्चस्तरीय समिति के लिए राज्य सरकार लाया गया सरकारी प्रस्ताव हमें विश्वास दिलाता है कि इसमें कोई हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

देशमुख पर परमबीर ने यह लगाया था आरोप
बता दें कि पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने 25 मार्च को बंबई हाईकोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की थी। परम बीर सिंह ने दावा किया था कि देशमुख ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे समेत अन्य अधिकारियों से विभिन्न बार और रेस्टोरेंट से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने को कहा था। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा था कि यह असाधारण मामला है, जिसमें स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत है।

सचिन वझे ने भी लिखित बयान में इन आरोपों की पुष्टि की है

बुधवार को सचिन वझे ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि जनवरी 2021 में गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई में 1650 पब, बार से हर महीने three लाख रुपए के कलेक्शन की बात कही थी। इस पर मैंने गृहमंत्री अनिल देशमुख से कहा कि शहर में 1650 बार नहीं, सिर्फ 200 बार है।

आगे सचिन वझे ने बताया कि मैंने गृह मंत्री को इस तरह बार से पैसा इकट्ठा करने से भी मना कर दिया था, क्योंकि मैंने उन्हें बताया था कि ये मेरी क्षमता से बाहर की बात है। तब गृहमंत्री के PA कुंदन ने मुझे कहा था कि अगर मैं अपनी जॉब और पोस्ट को बचाना चाहता हूं, तो वही करूं, जो गृहमंत्री कह रहे हैं।

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