40 useless our bodies arrived in a crematorium in Surat in a couple of hours, the circle of relatives waited for three to Four hours for the ultimate rites. | सूरत में कोरोना से हुई मौतों के बाद चंद घंटों में पहुंची 40 लाशें, अंतिम संस्कार के लिए Three से Four घंटे तक इंतजार करते रहे परिजन

18


  • Hindi News
  • Local
  • Gujarat
  • 40 Lifeless Our bodies Arrived In A Crematorium In Surat In A Few Hours, The Circle of relatives Waited For three To Four Hours For The Ultimate Rites.

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सूरत20 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
शहर के श्मशान में शवों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब पड़ोसी शहर बारडोली में अंतिम संस्कार के लिए भेजे जा रहे हैं शव। - Dainik Bhaskar

शहर के श्मशान में शवों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब पड़ोसी शहर बारडोली में अंतिम संस्कार के लिए भेजे जा रहे हैं शव।

गुजरात में मृतकों के अंतिम संस्कार में भी वेटिंग वाली स्थिति है। दरअसल, सूरत के एक श्मशान में गुरुवार को कोरोना से हुई मौतों के बाद चंद घंटों में 40 शव पहुंचे। यहां 15 मिनट में ही Three एंबुलेंस से nine शव लाए गए। यही नहीं एक एंबुलेंस में तो 6 शव रखे हुए थे। एक दिन में पहली बार इतने शवों के चलते यहां जगह कम पड़ गई। नतीजा यह हुआ कि परिजन को अंतिम संस्कार के लिए Three से Four घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

यहां 15 मिनट में ही 3 एंबुलेंस से 8 शव लाए गए।

यहां 15 मिनट में ही Three एंबुलेंस से eight शव लाए गए।

सरकारी आंकड़ों में 5-10 मौतें, रोज 100 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार
प्रशासन के अनुसार सूरत में कोरोना से रोज Five से eight मौंतें दर्ज हो रही हैं। हकीकत यह है कि कोविड प्रोटोकॉल से रोज 100 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। श्मशान गृहों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला रहा। यही हाल अश्निनी कुमार श्मशान गृह का भी जहां, तीन-चार एंबुलेंस रोजाना 3-Four फेरे लगा रही हैं। बुधवार को एक ही एंबुलेंस से 6 शव भेजे गए थे। जिन मृतकों के शव वहां रखे हुए थे उनमें से कई के परिजनों को तो पता ही नहीं चल रहा था कि उनके रिश्तेदार का शव कौन सा है।

जिन मृतकों के शव वहां रखे हुए थे उनमें से कई के परिजनों को तो पता ही नहीं चल रहा था कि उनके रिश्तेदार का शव कौन सा है।

जिन मृतकों के शव वहां रखे हुए थे उनमें से कई के परिजनों को तो पता ही नहीं चल रहा था कि उनके रिश्तेदार का शव कौन सा है।

शहर के श्मशान में शवों की ऐसी भीड़ कि अब बारडोली भेजने लगे
शहर के श्मशान गृह में वेटिंग बढ़ने के कारण बुधवार को प्रशासन ने कोरोना से मरने वालों का बारडोली के श्मशान में अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया। शाम को Five शव दाह संस्कार के लिए भेजे गए। बारडोली के प्रांत अधिकारी वीएन रबारी और जिला पंचायत अध्यक्ष भावेश पटेल ने श्मशान का दौरा कर ट्रस्ट के अध्यक्ष सोमाभाई पटेल से चर्चा की। श्मशान के संचालक भरतभाई शाह ने बताया कि ट्रस्ट ने शहर के Five शवों के दाह संस्कार करने का निर्णय लिया है।

प्रशासन के अनुसार सूरत में कोरोना से रोज 5 से 8 मौंतें दर्ज हो रही हैं। हकीकत यह है कि कोविड प्रोटोकॉल से रोज 100 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

प्रशासन के अनुसार सूरत में कोरोना से रोज Five से eight मौंतें दर्ज हो रही हैं। हकीकत यह है कि कोविड प्रोटोकॉल से रोज 100 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

परिजन अपनों के शव नहीं पहचान पा रहे
कतार में ऐसे रखे शव कि परिजन भी नहीं खोज पा रहे श्मशान गृह में शवों की कतार लगी हुई है। कई बार तो ऐसा देखने को मिला कि मृतकों के परिजनों का पता नहीं चल पा रहा था कि उनके रिश्तेदार का शव कौन सा है…और एंबुलेंस के कर्मचारियों ने कहां रख दिया है।

खबरें और भी हैं…



Source link